Posts

Showing posts from 2020

जिंदगी

वक़्त हसने नहीं देता, और में रोना नहीं चाहता  यूं खामोशी का दौर, जाने क्यों ख़त्म ना होता,  पता नी ये जिंदगी और मेरी जंग कब तक चलेगी  और आखिर जीत किसकी होगी????????? 

बिहार करप्शन के बीज

आपने कभी सोचा 10th के एग्जाम में 14 साल का बच्चा जब चीटिंग करके पास होता है ऐसे 90% स्टूडेंट हो तो उनके लिए चीटिंग सही शब्द होगा, उनके फ्यूचर में या गलत???????  जब किसी बच्चे को बिना मेहनत उस बच्चे se अच्छा मार्क्स आता हो जिसने पुरे साल कड़ी मेहनत की हो,  जब वो बच्चा टॉप कर जाता हो जिसे पास करने की उम्मीद भी ना हो l खेर इनका कोई नी उस बच्चे का क्या जिसने खुद के दम पर सारे question solve किये हों पर मुश्किल से पास हुआ होl जिसने आईएएस बनने का सपना देखा हो, खूब पढ़ायी की हो फिर भी 10th में फ़ैल हो गया हो l यही वो बच्चे हैं जो देश की भविष्य होते हैं जिन्हें इनके पहले इम्तिहान में corrupt बना दिया जाता है,  समझा दिया जाता वो भी प्रैक्टिकल करके, अब जिसने कभी प्रैक्टिकल अपने क्लास में ना किया हो उसे प्रैक्टिकल पहली बार कराया जाता है वो भी बड़ी उत्सुकता से उसे अपनी जिंदगी में उतार लेता है  l 14 साल के बच्चे को अहसास दिला दिया जाता है यहां corrupt का बोल बाला है l "खुशी से जीना कौन नी चाहता जनाब, अपने सर पर छत सब चाहता,  उसमें सुराख़ कितनी भी क्यों ना हो l" किसी ने क्या खूब क...

एक कॉल

आज मैं अपने दिल के करीब किसी खास से बात किया हमारा टॉपिक था अभी के हालात जिनमें आज देश मैं पूरी तरह हिन्दुओं के दिल मैं मुस्लिम के लिए नफरत पैदा कर रहा l उन्हें मैं बोला की हमें उन मुस्लिमों को सही नजरिये से देखना चाहिए जो बेकसूर हैँ l पर उनकी तरह अधिकतर हिन्दू आज मानने लगा मुस्लिम सिर्फ आंतकवादी ही होते हैँ हर मुस्लिम गलत होता है l आज मुझे लगता है सत्ता के भूखों ने फिर से हमें बाटना शुरू कर दिया आज अगर किसी हिन्दू बस्ती मैं मुस्लिम है तो उन्हें हर पल नासमझी से भारी कटाक्ष का सामना करना पड़ता है चाहे वो गलत हो या ना हो उसका सिर्फ मुस्लिम होना ही उन्हें गुनेहगार बना देता क्या इसी दिन के लिए "अनेकता मैं एकता " की बात कही गयी l

मेरे लब्ज

आज अजीब सा अहसास हो रहा में जिन पहलु के लिए खुद को भी खो दिया उसने आख़री पल में भी मुझे ऐसा तोफा दिया जिसे याद कर में मुस्कुरा भी नी सकता वो भी अजीब दिन था जो मुझे हर रात परेशान करती है उसकी वो बातें जिसने मुझे ये बताया की वो मुझपर कितना भरोसा करती थी और में उसपर कितना lll आखिर उसने मुझे याद भी नी रखा पता नी लोग ऐसे क्यों बन जाते हैँ उसमें इतनी भी ताकत नी होती की वो बस सच का साथ दे सके क्या चला जाता उसका अगर वो मुझे बिना जलील किये अलग हो जाती 

आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली

Image
आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली  एक पल  के सांसे थम गयी, हवाएं रुक सी गयी  आखों ने बिना बताये ही आसुओं की बरसात कर दी  होठों ने उपवास कर ली  आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने दिल्लगी की सोची  वो आशिकी की बरसात याद कर ली  आवारगी की शाम याद कर ली  कही किनारों पर बैठ पहली किरण की इंतजार याद कर ली  आज फिर दिल ने तेरी बेवफाई की रात याद कर ली सुना जब आज भी हु तेरे दिल के किसी कोने में तो, हर जन्म में हु तेरी, तेरी कही ये बात याद कर ली  सुना जब तूने पूछा मेरे बारे में तो, तेरा मेरे साथ होने का अहसाह याद कर ली  आज फिर तूने याद किया सुनकर तेरे यादों से ही अपनी भूख मिटा ली  तेरे बेवफाई को भूलने को तेरी सारी वफ़ा याद कर ली  आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली  अब, तेरे लाये तुफानो को याद कर दिल ने किसी धड़कन को सम्हाला  शायद राते आगोश में लेकर लोड़ी सुनाने लगी  तू आज फिर सपने में आकर सताएगी  आज फिर दिल तेरे साथ जीने की शायद अरमान जगा ली   

किसकी मर्जी

आखिर क्यों हर रोज खुद को इतनी तख़लीफ़ में देता  आखिर क्यों होठों से मुस्कान आखों से चुपके  आंसू बहाता  आखिर किसकी है ये मर्जी  आखिर क्यों औरों तरह में नहीं रोता  क्यों रिश्तों के लिए इतना है में सहता  आखिर किसकी है ये मर्जी  आखिर क्यों में अपने सपनो को सहमे सहमे पूरा करने की कोसिस करता  क्यों  कहर बनकर खुदा भी मुझपर ही बरसता आखिर किसकी है ये मर्जी  अपनों के ताने सुनकर भी क्यों जबरन में मुस्कुराता  आखिर क्यों अपने अनोखे अंदाज में दर्दो को आसूं बना में बहाता  क्या ये मर्जी है मेरी या यही मर्जी है मेरे  अपनों की lllllll  

परियों की उड़ान (बेटियों को पारियां कहती है दुनियां पर अमीर जादों की बिगड़ी औलादों से तुलना कर उनके उड़ने का हक भी छीन लेती है दुनियां)

Image
मुझे नी लगता कि मैं ये सब कहने या किसी और की सोच पढ़ने के काबिल हूं फिर भी में लिख रहा हूं इसलिए क्योंकि ये पारियां अपने सपनों को दुनियां के मजाक उड़ाने की डर से भी अपने ही अंदर दफ्न कर देती है । इनमें भी कुछ ऐसी होती हैं जिन्हें ये लगता है अगर किसी ने उन्हें उनके कपड़े के बारे में कुछ कह दिया तो उनकी आजादी छीन रही है ये वही लोग हैं जिन्हें घर से बाहर जाने का मौका मिलता है । इन्हें ये बात पता नी की उन परियों की सपनों को रौंद रही जो कच्चे घर के आसरे से उपर उड़ते ऐरोप्लेन को देख कर खुली आखों उसके साथ खुद को उड़ाती है पर फिर अपने आस पास की कच्ची दीवारों को देख कर सहम जाती है ये सोच कर अगर में अपना हक मांगुंगी तो लोग कहेंगे ये भी खुद को अमीर जादी समझती है फिर मुझे मेरी औकात बताएंगे l क्या ये सच नी की आज भी गरीब घरों की लड़कियों को सपने देखने की आजादी नी वो सपने भी सहम सहम के देखती 

HALF 🌕

Image

link your heart with a 🌲 for your 💓 💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓

Image

खुश तो हो ना

Image
खुश तो हो ना,  मुझसे दूर जाकर, मुझे पागल बनाकर मेरी रातों की नींद,सुबह की धूप छीनकर खुश तो हो ना बिना मदिरा नशेरी बनाकर, लोगों से पत्थर मरवाकर मेरी वो झूठी कहानियां सुनाकर,मुझे झूठा बनाकर खुश तो हो ना मेरे अपनों का भरोसा , परायों की चुप्पी छीनकर अपने दोस्तों के हाथों मुझे बेचकर,मुझे गालियां देकर खुश तो हो ना जो बच्चे मेरे जैसा बनना चाहते थे उन्हें मुझसे दूर करके,जाने कितने के सपनों को चुर करके  खुद को विक्टिम और मुझे मुजरिम बनाकर, दलीलें खुद की अदालत भी खुद ही बनाकर खुश तो हो ना                   -N.kumar

खूब रोया आज भी

Image
 याद किया तेरी नादानियों को  खेला तेरी यादों के साथ रातों ने भी की बेगानियान  आखिर खूब रोया तुझे याद करके आज भी याद किया तेरा मुझे अलग कहना  याद किया तेरा मेरे शब्दों को जादू कहना याद किया तेरा मुझे प्यार से डटना  आखिर याद करके तुझे खूब रोया आज भी याद की तेरी सादगी किया याद तेरी आवारगी  याद किए तेरे वादे आखिर खूब रोया आज भी याद किया तेरा हाथों में हाथ डालकर चलना  तेरा मुझे पागल कह बुलाना  मेरे रूठ जाने पर तेरा मनाना  आखों से तेरा आंसू बहाना  सुन पगली खूब रोया आज भी ।।।।।।                         -N.kumar

अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम

Image
"अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम" नव से कितने हो रही है गायब  अंधेरों का छा रहा साम्राज्य अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम । क्यों यूं तू खड़ा ,  क्यों हारने को है तुला  चल आगे बढ़ वक़्त हो चला है खत्म  अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम । क्यों यूं तू मायूस सा बैठा है ,  क्यों चांद पर लगा रहा दाग, चल उठ खड़ा हो जिंदगी को दे एक नई उड़ान  अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम । क्यों यूं तू हार का ग़म मना रहा  क्यों यूं तू मन ही मन जिंदगी से कतरा रहा,  चल उठ दे अपनी हार को जीत का नया इनाम  अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम । क्यों है यूं तू शोक के सागर में डूबा  क्यों है तू यूं डर का बना गुलाम  लहरा दे इस जहां में अपने जीत का तरंग  दे दे इस जहां को एक नया पैगाम अब सूरज है ढलने को हो चली है शाम ।।                         - N.kumar

मां

Image
देख मां मैं फिर तेरा लाडला बन गया फिर तेरे आंचल से आसू पोछने लगा कुछ पल तुझसे दूर जाने पर तुझे याद कर आंसू बहाने लगा आखों से तेरे औझल होने बस की देर हुई की मां मां कह तुझे पुकारने लगा तेरे पास आने पर कुछ नहीं कह तुझे सताने लगा  किसी और के पास जाने से पहले तेरे चेहरे रंग निहारने लगा किसी और की दी चीज लेने से पहले तेरे इशारे का इतंजार करने लगा सपनों से जगकर मां मां चिल्लाने लगा देख तेरे साए में आकर फिर रहने लगा  पूरी दुनिया को सताने लगा पर फिर से तुझे बचपन की तरह भाने लगा  अबकी बार हसीं झूठी सही पर तेरे सामने मुस्कुराने लगा  देख फिर से तेरा लाडला बन गया।