खूब रोया आज भी
याद किया तेरी नादानियों को
खेला तेरी यादों के साथ
रातों ने भी की बेगानियान
आखिर खूब रोया तुझे याद करके आज भी
याद किया तेरा मुझे अलग कहना
याद किया तेरा मेरे शब्दों को जादू कहना
याद किया तेरा मुझे प्यार से डटना
आखिर याद करके तुझे खूब रोया आज भी
याद की तेरी सादगी
किया याद तेरी आवारगी
याद किए तेरे वादे
आखिर खूब रोया आज भी
याद किया तेरा हाथों में हाथ डालकर चलना
तेरा मुझे पागल कह बुलाना
मेरे रूठ जाने पर तेरा मनाना
आखों से तेरा आंसू बहाना
सुन पगली खूब रोया आज भी ।।।।।।
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