एक कॉल
आज मैं अपने दिल के करीब किसी खास से बात किया हमारा टॉपिक था अभी के हालात जिनमें आज देश मैं पूरी तरह हिन्दुओं के दिल मैं मुस्लिम के लिए नफरत पैदा कर रहा l उन्हें मैं बोला की हमें उन मुस्लिमों को सही नजरिये से देखना चाहिए जो बेकसूर हैँ l पर उनकी तरह अधिकतर हिन्दू आज मानने लगा मुस्लिम सिर्फ आंतकवादी ही होते हैँ हर मुस्लिम गलत होता है l आज मुझे लगता है सत्ता के भूखों ने फिर से हमें बाटना शुरू कर दिया आज अगर किसी हिन्दू बस्ती मैं मुस्लिम है तो उन्हें हर पल नासमझी से भारी कटाक्ष का सामना करना पड़ता है चाहे वो गलत हो या ना हो उसका सिर्फ मुस्लिम होना ही उन्हें गुनेहगार बना देता क्या इसी दिन के लिए "अनेकता मैं एकता " की बात कही गयी l