"ओ मेरे पापा "
नन्हा सा जब मैं आया इस दुनियां में, अपनी ऊँगली पकड़वाकर उठ खड़ा होना और फिर चलना सिखाया आपने, न था जीने का साहस फिर भी जीना सिखाया आपने, ओ मेरे पापा इस दुनिया से लड़ना सिखाया आपने l न था जहाँ तक पहुंचने का आसार वहाँ भी बेझिझक पहुंचाया आपने, पूरी दुनियां दिखाया आपने, ओ मेरे पापा इस जिंदगी को जीना सिखाया आपने l मेरी खुशी को अपनी खुशी बनाया आपने, मेरी खातिर ना जाने दुनियां से कितनी बातों को छुपाया आपने, अपना हर गम भुलाके, मेरे हसीं के खातिर हर पल मुस्कुराया आपने, ओ मेरे पापा दुनियां से जितना सिखाया आपने l आसुओं को रत्न समझकर कभी न बहने दिया आपने, मेरी हर ज़िद को पूरा किया आपने, न जाने कितने गलतियों को माफ किया आपने, ओ मेरे पापा हरपल हॅसना सिखाया आपने l खुद से जायदा मुझे प्यार किया आपने, ओ मेरे पापा आख़िरकार मेरे सोच को दूसरों से बेहतर बनाया आपने l Love you Papa😊 -Enigma