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"ओ मेरे पापा "

नन्हा सा जब मैं आया इस दुनियां में, अपनी ऊँगली पकड़वाकर उठ खड़ा होना और फिर चलना सिखाया आपने, न था जीने का साहस फिर भी जीना सिखाया आपने, ओ मेरे पापा इस दुनिया से लड़ना सिखाया आपने l न था जहाँ तक पहुंचने का आसार वहाँ भी बेझिझक पहुंचाया आपने, पूरी दुनियां दिखाया आपने, ओ मेरे पापा इस जिंदगी को जीना सिखाया आपने l मेरी खुशी को अपनी खुशी बनाया आपने, मेरी खातिर ना जाने दुनियां से कितनी बातों को छुपाया आपने, अपना हर गम भुलाके, मेरे हसीं के खातिर हर पल मुस्कुराया आपने, ओ मेरे पापा दुनियां से जितना सिखाया आपने l आसुओं को रत्न समझकर कभी न बहने दिया आपने, मेरी हर ज़िद को पूरा किया आपने, न जाने कितने गलतियों को माफ किया आपने, ओ मेरे पापा हरपल हॅसना सिखाया आपने l खुद से जायदा मुझे प्यार किया आपने, ओ मेरे पापा आख़िरकार मेरे सोच को दूसरों से बेहतर बनाया आपने l Love you Papa😊                                               -Enigma

"चलो ना हॅसते हैं "

चलो ना हॅसते, और किसी को हसाते हैं क्या पता कब कौन साथ छोड़ जायेगा, तो उनके लिए कुछ कर दिखाते हैं l चलो कुछ लोगों को हाथ बटाते हैं, उनके जिंदगी में थोड़ा तो सुकून लाते हैं l क्यों यू उदास बैठे रहें, चलो ना खुद को मजबूत बनाते हैं, गिरते हुए को सम्हालते हैं l जिंदगी को आसान बनाते हैं, चलो ना एक बार फिर मुस्कुराते हैं l

vaccination

आज वैक्सीन लगाए हुए दो दिन हो गए l पहले दिन जब 11:40 के आसपास वैक्सीन लगवाया तो कोई चेंज नहीं थैंक्स हेल्थ में पर शाम होते होते बॉडी पैन वैक्सीन जहाँ लगाया बाह पर वो बहुत दुखने लगा बचेनी भी काफ़ी थी,पर फिर भी उस रात खाकर सो गया l आज  सुबह पूरा बॉडी इतना पैन कर रहा था, कि बेड से उठने का मन नहीं कर रहा था कुछ देर बाद फीवर भी आ ही गया l फिर टेबलेट खाया जो की फीवर और बॉडी पैन के लिए था, काफ़ी सही हो गया और इसी बिच सुबह कही जाना पड़ा गए फिर जल्दी आ गया पूरा दिन ठीक रहा, पर अभी फिर से बॉडी पैन बहुत तेज शुरू हो गया तो पैन के लिए saridon टेबलेट खाया हूँ अब थोड़ा अच्छा फील हो रहा है, अभी 10:43 date 17 मई है l

"मेरा प्यारा दोस्त "

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        "मेरा प्यारा दोस्त" पगला सा है, या फिर कहूं दीवाना है वो, ना जाने कितना कमीना है वो, देख लड़की को सिटी बजाता, गुस्सा जाती तो दीदी कहके बुलाता वो, है उसकी भी ख्वाबों की रानी, पर क्या कहूं,  उसके दिल से कर बैठी बेईमानी वो, नाराज थोड़ा जल्दी हो जाता, पर दिल का है बड़ा अच्छा वो, मुसीबत में पलक झपकते उसे मैं साथ अपने हूँ पाता, है मेरे दिल का छोटा सा टुकड़ा वो 😂😂l                 -Enigma 

"वो चेहरा "

बीत चुकी हैं दशक, हो चूका है वक़्त का बड़ा फासला 

"मनाऊं कैसे "

तुम जो रूठ जाती हो इस कदर मनाऊं कैसे दायरा है मेरा उसे पार कर तुम्हें समझाऊं कैसे हर दिन मेरी कोशिस रहती है तेरी वक़्त से अनबन ना हो पर ये बात वक़्त को समझाऊं कैसे तेरा लड़ना मुझसे, झगड़ना मुझसे जैसे कोई अपना पर इस छोटे से सफर को अपना कह जताऊं कैसे कभी कभी तेरी नादानियों पर खिलखिला कर हसने का दिल करता पर बता ये दायरा तेरे रहते मुस्कुराऊँ कैसे इतना जो गुस्साती हो बताओ तेरे गुस्से की कहर से खुद को बचाऊं कैसे कुछ दायरे है मेरे तेरे साथ तो बताओ इससे अधिक तेरे छवि को शब्दों में पिरोऊँ कैसे तुम जो रूठ जाती हो इस कदर मनाऊं कैसे दायरा है मेरा उसे पार कर समझाऊ कैसे lllll                    

wo din

http://after12th10th.blogspot.com/2020/06/blog-post.html

"वो लड़की मस्तानी "

दीवानी सी, मस्तानी सी, दिखती वो बड़ी सयानी सी शांत सा चेहरा, चंचल सी आँखें, रहती वो नदियों की निर्मल धारा सी           वो लड़की मस्तानी पतझड़ से उसका कोई वास्ता नहीं, वो तो है सावन की रानी  आँधी उसकी पहचान नहीं, वो मंद मंद चलती ठंडी हवा की झोकों सी           वो लड़की है अनजानी अंधेरों से उसका कोई वास्ता नहीं, वो पूर्णिमा के चाँद की रोशनी या शायद रातों की गौरव चांदनी           वो लड़की है कितनी दीवानी कितनों की होगी वो सपनों की रानी, पर वो कहती मैं नहीं किसी की दीवानी, मुझे तो लगती ये सिर्फ एक कहानी        वो लड़की है कितनी प्यारी चश्मे में दिखती हिस्ट्री वाली मिस जैसी, बिना चश्मे दिखती वो इंग्लिश वाली मैडम           है कितनी सोनी, कुड़ी वो सादगी में लगती है नूर, तभी तो रखती इतना गुरुर  थोड़ी कच्ची, थोड़ी पक्की, थोड़ी अच्छी, थोड़ी बुरी पर दिखती है वो मिर्ची सी तीखी थोड़ी खट्टी, थोड़ी मिट्ठी, थोड़ी झूठी, थोड़ी सी है वो सच्ची पर जो भी है वो दिल की है बड़ी अच्छी वो लड़की पगली, दी...