आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली

आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली 
एक पल  के सांसे थम गयी, हवाएं रुक सी गयी 
आखों ने बिना बताये ही आसुओं की बरसात कर दी 
होठों ने उपवास कर ली 
आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने दिल्लगी की सोची 
वो आशिकी की बरसात याद कर ली 
आवारगी की शाम याद कर ली 
कही किनारों पर बैठ पहली किरण की इंतजार याद कर ली 
आज फिर दिल ने तेरी बेवफाई की रात याद कर ली
सुना जब आज भी हु तेरे दिल के किसी कोने में तो,
हर जन्म में हु तेरी, तेरी कही ये बात याद कर ली 
सुना जब तूने पूछा मेरे बारे में तो, तेरा मेरे साथ होने का अहसाह याद कर ली 
आज फिर तूने याद किया सुनकर तेरे यादों से ही अपनी भूख मिटा ली 
तेरे बेवफाई को भूलने को तेरी सारी वफ़ा याद कर ली 
आज फिर तेरा नाम सुनकर दिल ने अरमान जगा ली 
अब, तेरे लाये तुफानो को याद कर दिल ने किसी धड़कन को सम्हाला 
शायद राते आगोश में लेकर लोड़ी सुनाने लगी 
तू आज फिर सपने में आकर सताएगी 
आज फिर दिल तेरे साथ जीने की शायद अरमान जगा ली 
 

Comments

Popular posts from this blog

"वो लड़की मस्तानी "

"ओ मेरे पापा "

"अरे सुनो ना "